नई दिल्ली, 31 जनवरी: भगवान विश्वकर्मा जयंती के पावन अवसर पर श्री बजरंग सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री हितेश विश्वकर्मा जी ने समस्त देशवासियों, विश्वकर्मा समाज एवं श्रमशील वर्ग को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
अपने संदेश में श्री हितेश विश्वकर्मा जी ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा जी सृजन, तकनीक, श्रम और आत्मनिर्भरता के प्रतीक हैं। उन्होंने देवताओं के लिए दिव्य भवन, अस्त्र-शस्त्र एवं नगरों की रचना कर यह सिद्ध किया कि परिश्रम और कौशल ही राष्ट्र की सच्ची पूंजी है। आज के युग में भगवान विश्वकर्मा जी के आदर्श आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी उद्योग और कौशल आधारित विकास के लिए अत्यंत प्रासंगिक हैं।
उन्होंने कहा कि विश्वकर्मा समाज का योगदान सदियों से राष्ट्र निर्माण में अमूल्य रहा है। समाज के कारीगर, शिल्पकार, तकनीशियन और श्रमिक वर्ग ने अपने हुनर से भारत की पहचान विश्व पटल पर स्थापित की है। आज आवश्यकता है कि युवाओं को कौशल विकास, स्वरोजगार और स्वदेशी उद्यमों से जोड़ा जाए, ताकि देश आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बन सके।
श्री हितेश विश्वकर्मा जी ने कामना की कि भगवान विश्वकर्मा जी की कृपा से देश में समृद्धि, रोजगार, तकनीकी उन्नति, सामाजिक समरसता और राष्ट्रभक्ति की भावना का विस्तार हो तथा हर श्रमिक को सम्मान और अधिकार मिले।
अंत में उन्होंने सभी से भगवान विश्वकर्मा जी के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने और राष्ट्रहित में एकजुट होकर कार्य करने की अपील की।

